ब्लोइ के हेनरी का फलक  by Unknown Artist - लगभग. 1150 - 91 मी.मी चौड़ा  ;19 मी.मी गहरा  ब्लोइ के हेनरी का फलक  by Unknown Artist - लगभग. 1150 - 91 मी.मी चौड़ा  ;19 मी.मी गहरा

ब्लोइ के हेनरी का फलक

ताम्रमिश्रातु और मीनाकारी • 91 मी.मी चौड़ा ;19 मी.मी गहरा
  • Unknown Artist Unknown Artist लगभग. 1150

यह तांबे का अर्धवृत्ताकार फलक इसके संरक्षक, ब्लोइ के हेनरी को दर्शाता है, जो वर्ष 1129 से 1171 तक विनचेस्टर के बड़े पादरी भी थे l हेनरी अपनी कला के लिए पहचाने जाते थे, जिसके लिए उनके चाचा, इंग्लैंड के सम्राट हेनरी प्रथम ने उन्हें बढ़ावा भी दिया l उनके बड़े भाई स्टीफन, वर्ष 1135 में इंग्लैंड के सम्राट बने थे l ब्लोइ के हेनरी एक रंगीन, अवसरवादी और कुछ हद तक सत्ता के भूखे चरित्र वाले व्यक्ति थे l साथ ही वह एक असाधारण संरक्षक भी थे जिन्होंने कई प्रकार की वास्तुकला परियोजनाओं और साहित्यिक निर्माण की देखरेख की थी l अन्य पादरियों की तरह उन्हें भी कला में रूचि थी, जिसका परिणाम यह तांबे का फलक है l

इस फलक में पादरी हेनरी वहनीय वेदी के सामने झुके हुए हैं l वह स्वयं को इंग्लैंड का "दास" मानते हैं, और फलक के दुसरे जोड़े में अपने देश की भलाई और समृद्धि के लिए स्वयं को जिम्मेदार मानते हैं l हेनरी कला के लिए अपना प्रेम और इसके व्यक्तिगत अर्थ की घोषणा भी करते हैं l उनके लिए, "कला, सोने और रत्नों से सर्वश्रेष्ठ हैं" और वह" स्वयं "कांस्य में जीवित है", जँहा वह, "भगवान को उपहार दे रहें हैं"l हालाँकि इस फलक के जोड़े का उद्देश्य स्पष्ट नहीं हैं लेकिन, हेनरी के लिए यह भगवान् के लिए प्रेम, कला और शाश्वत सुंदरता का प्रमाण हैं l

- स्टेफनी स्केनयोन

यहाँ डेलीआर्ट मैगज़ीन के इंस्टाग्राम को देखिए !