फ्रांटिसेक कवन ने घर की हवा १८९५ के पतझड़ में करकोनोसे (विशालकाय पर्वत) में अपने निवास के दौरान बनाई थी.उस दौरान, वे जूलियस मारक के भूदृश्य चित्रकारी स्टूडियो के सहकर्मिओं से क्रमशः दूर हो रहे थे और प्रतीकात्मक अवनति पत्रिका, मोडर्नी रिव्यू के कलाकार खासकर करेल हलवासक से निकटता बना रहे थे. उस दौरान वे पद्य में भी व्यस्त हो रहे थे. यह चित्र उनकी रचनाओं में प्रमुख कृति है. क्षैतिज भूदृश्य का यह दृश्य आश्चर्यजनकरूप से नाजुक़ और सुक्ष्म है. कवन ने उदास और पुरजोश भूदृश्य के लिए विनिमेयोग्य और मानने योग्य शैली विकसित की. कोमल रंगों की सरलता और विस्तार की समझ काफी गहन और तीव्र है.
यह सुन्दर कृति हम नेशनल गैलरी ऑफ़ प्राग के सौजन्य से प्रस्तुत करते हैं. <३
पि.एस. मेरे लिए कुछ भूदृश्य यात्रा के पोस्टकार्ड जैसे हैं. अगर आप सफर के लिए झुकाव अनुभव करते हैं, तो यहाँ जाये!